मेरा नाम याद रखना ......

AYUSH ANTIMA
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उपरोक्त शब्द किसी आम आदमी के नहीं बल्कि संवैधानिक पद पर बैठे बाबा बालकनाथ के थे, जो बहरोड़ के डीएसपी को धमकाने वाले अंदाज में कहे थे। विदित हो बहरोड़ में कार्यरत डीएसपी राव आनंद कुमार बहरोड़ में कार्यरत थे, उस समय किसी मामले को लेकर राव आनंद कुमार व बाबा बालकनाथ में तीखी बहस हुई थी, उसमें बाबा बालकनाथ ने धमकी भरे अंदाज में कहा था कि मेरा नाम याद रखना....। अब राव आनंद कुमार खाटूश्यामजी जिला में पदस्थापन को लेकर सुर्खियों में है। इस पदस्थापन को लेकर बाबा बालकनाथ ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर मांग की है कि बहरोड़ में इनकी कार्यशैली भ्रष्ट व पार्टी विरोधी थी। उसी दौरान राव आनंद कुमार को 16सीसी के तहत चार्जशीट दी गई थी, जिसको रूपांतरण कर 17सीसी में कर दिया गया। इसको लेकर बाबा बालकनाथ ने मांग की है कि उस जांच को 17सीसी के बजाय 16सीसी में ही करवाई जाए। विदित हो पुर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अफसरों पर दिये गये बयान को लेकर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा था कि अधिकारी हमारा आपका नहीं होता सरकार का होता है लेकिन सरकार पक्ष हो या विपक्ष में, किसी में भेदभाव नहीं करती व जनहित को सर्वोपरि रखती है न कि पार्टी हित को। अधिकारी किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं होता, जैसा कि बाबा बालकनाथ ने अपने पत्र में राव आनंद कुमार को पार्टी विरोधी बताया है। यह मामला 6 जनवरी 2023 को एक हिस्ट्रीशीटर पर फायरिंग को लेकर है। पुलिस हिस्ट्रीशीटर को चैकअप के लिए अस्पताल ले गई थी। वहां पहले से छिपे बदमाशों ने उस पर फायरिंग कर दी, फायरिंग में हिस्ट्रीशीटर तो बच गया लेकिन अस्पताल में दो महिलाओं के पैरों में गोली लगी थी। उस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया था तो बाबा बालकनाथ ने थाने पहुंचकर डीएसपी पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाते हुए देख लेने की धमकी दी थी कि मेरा नाम याद रखना। अब बाबा बालकनाथ के बयान व पत्र को देखें तो यदि कोई पुलिस अधिकारी किसी भी राजनीतिक दल के व्यक्ति को किसी मामले में हिरासत में ले ले तो उस अधिकारी को पार्टी विरोधी व कहीं भी फील्ड पोस्टिंग की मांग करना कहां तक उचित है। कांग्रेस शासन में राव आनंद कुमार को 16सीसी का नोटिस थमाया था, अब उसको 17सीसी में रुपांतरण करने करने को निरस्त करने की मांग बाबा बालकनाथ कर रहे हैं, अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं कि भाजपा सरकार उन अधिकारियों को बचा रही है, जिनको चार्जशीट थमा रखी है जबकि राव आनंद कुमार कांग्रेस शासन में 16सीसी जांच के दायरे में थे।

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