कोलायत(नारायण उपाध्याय)। नवसृजित राजस्व गांव डंडी के गठन को लेकर क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है। भाजपा मंडल महामंत्री एवं मोखां न्याय मंच के अध्यक्ष रामरतन मेघवाल ने तहसीलदार और उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए डंडी गांव के गठन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
मेघवाल ने कहा कि डंडी कोई आबाद बस्ती नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र “प्रताप की डंडी” नाम से जानी जाने वाली एक नाड़ी मात्र है, जहां स्थायी रूप से कोई जनसंख्या निवास नहीं करती। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए इसे राजस्व गांव घोषित कर दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि डंडी गांव के गठन के लिए जिस जनसंख्या का आधार दिखाया गया है, वह वास्तव में झझू और मोखां गांवों में रहने वाले लोगों की है, न कि डंडी क्षेत्र की ढाणियों की। यह पूरी प्रक्रिया राजस्व नियमों और निर्धारित जनसंख्या मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है।
रामरतन मेघवाल ने कहा कि बिना वास्तविक आबादी, भौगोलिक आधार और स्थानीय सहमति के गांव का गठन प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ जनता के साथ छल है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा डंडी गांव के गठन को निरस्त करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।