मौत के 13 दिन बाद खुला राज: जिसे लावारिश समझ कर कर दिया अंतिम संस्कार वो निकला राजस्थान पुलिस का कॉन्स्टेबल

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर। बीकानेर जिले के खाजूवाला क्षेत्र में 23 नवंबर को सड़क किनारे मिला अज्ञात शव अब राजस्थान पुलिस के कॉन्स्टेबल अमरजीत चौहान का निकला है। पहचान न होने के कारण पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था, लेकिन करीब 13 दिन बाद कपड़ों, जूतों और दाहिने हाथ पर लिखे ‘अमरजीत चौहान’ नाम से उसकी पहचान की कड़ी मिली। मृतक श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ थाना में तैनात था। अब DNA जांच के लिए सैंपल ले लिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।

23 नवंबर को राहगीरों ने खाजूवाला-रावला सड़क पर चक 7 पीएचएम बस स्टैंड के पास सड़क किनारे एक युवक का शव देखा था। शव उल्टे मुंह पड़ा था और उसकी जेब से न मोबाइल मिला न कोई दस्तावेज। इसी कारण उसकी पहचान तत्काल नहीं हो पाई। शव को खाजूवाला अस्पताल की मॉर्च्युरी में छह दिन तक रखा गया और जब कोई सामने नहीं आया तो पोस्टमॉर्टम के बाद मानवीय आधार पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान ASI मांगीलाल गोदारा और हेड कॉन्स्टेबल खिंयाराम मौजूद रहे। पुलिस ने शिनाख्त के लिए मृतक के कपड़े, जूते व अन्य सामान सुरक्षित रखे हुए थे। जांच के दौरान सामने आया कि मृतक के दाहिने हाथ पर ‘अमरजीत चौहान’ नाम लिखा हुआ था। मृतक की लंबाई लगभग 5 फुट 5 इंच, रंग सांवला और पहनावा स्लेटी रंग का ट्रैक सूट, स्केचर्स कंपनी के जूते और जॉकी कंपनी के अंडरगार्मेंट्स था। शिनाख्त के प्रयास में खाजूवाला पुलिस ने राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कई थानों को पत्र भी भेजा था। जांच के बाद पता चला कि मृतक श्रीगंगानगर जिले में लालगढ़ के पास हाकमाबाद का रहने वाला कॉन्स्टेबल अमरजीत चौहान था। वह 23 नवंबर को खाजूवाला की ओर आ रहा था, जहां ग्राम पंचायत 3 पावली के चक 1 केजेड़ी में उसके ताऊ रहते हैं। वहीं मिलने के लिए वह निकला था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। चूंकि शव का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था, इसलिए अब DNA रिपोर्ट के आधार पर ही पहचान की अंतिम पुष्टि की जाएगी।

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