अलवर: शहर के इंदिरा गांधी स्टेडियम में भारतीय सेना द्वारा आयोजित दो दिवसीय “नो योर आर्मी” कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, वन राज्य मंत्री संजय शर्मा, मेजर जनरल धीरेन्द्र प्रताप सिंह, जिला कलेक्टर डॉ.अर्तिका शुक्ला और पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने किया। पहले ही दिन बड़ी संख्या में छात्र, युवा और आम नागरिक प्रदर्शनी में पहुंचे और सेना की तकनीकी क्षमताओं व आधुनिक उपकरणों को करीब से देखा। सेना ने अपने अत्याधुनिक हथियार, संचार प्रणाली, प्रशिक्षण प्रक्रियाओं और कई तकनीकी उपकरणों का प्रदर्शन किया। सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में उपयोग किया गया विशेष ड्रोन, जिसे पहली बार अलवर में प्रदर्शित किया गया। डायनेमिक डिस्प्ले में आर्मी डॉग शो, मार्शल आर्ट और मोटरसाइकिल स्टंट ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
स्टेडियम में मौजूद अलवर रिक्रूटमेंट ऑफिस टीम ने युवाओं को सेना भर्ती की प्रक्रिया, योग्यता और उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सेना की कार्यप्रणाली, गौरवशाली परंपराओं और राष्ट्र सुरक्षा में उसकी भूमिका से अवगत कराना है। यह कार्यक्रम बुधवार तक जारी रहेगा। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि पराक्रम, अनुशासन, बुद्धिमत्ता और त्याग भारतीय सेना की पहचान है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पूरे देश ने देखा कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 100 किलोमीटर अंदर जाकर सटीक कार्रवाई कर आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया। उन्होंने कहा समय तकनीक का है और भारत ने ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा स्वदेशी हथियारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।