राजस्थान ओबीसी आयोग संभाग स्तर पर आयोजित करेगा जनसंवाद कार्यक्रम

AYUSH ANTIMA
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जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): राजस्थान अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग, राजस्थान सरकार द्वारा 17 नवंबर से 8 दिसंबर तक संभाग स्तरीय जनसंवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। ओबीसी आयोग राजस्थान के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि संभागीय स्तर पर नवंबर माह की 17 को जोधपुर, 21 को उदयपुर, 24 को भरतपुर, 27 को बीकानेर, 28 को अजमेर एवं दिसंबर माह की 2 को जयपुर, 8 को कोटा संभाग में आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश (सेनि.) मदनलाल भाटी सहित अन्य माननीय सदस्य गोपाल कृष्ण, प्रो.राजीव सक्सेना, मोहन मोरवाल, पवन मंडाविया तथा सचिव (सलाहकार) अशोक कुमार जैन की उपस्थिति में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनसंवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जनसंवाद कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आयोग द्वारा समस्त संभागों के संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षकों को व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग द्वारा जनसंवाद/परिचर्चा कार्यक्रम में संबंधित जिले के वर्तमान एवं पूर्व सांसद, विधायक, जिला प्रमुख-उप प्रमुख/प्रधान, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, नगर पालिका/नगर परिषद/नगर निगम के सदस्य एंव अध्यक्ष, बार काउंसिल सदस्य, शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थाए, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद एंव नगरीय निकायों के अधिशाषी अधिकारी सहित अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण से जुड़े पदाधिकारी तथा आमजन के साथ प्रत्यक्ष संवाद करेगा। साथ ही आयोग द्वारा वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों, पंचायत राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ ही सांसदों एवं विधायकों को जनसुनवाई में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया है। आयोग संबंधित हितधारकों से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई कर आवश्यक प्राथमिक टिप्पणियां एवं सुझाव लेगा। जनसंवाद के दौरान आयोग अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों एवं मुद्दों पर हितधारको के साथ विचार विमर्श,चर्चा करेगा एवं आमजन के सुझाव प्राप्त करेगा। आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश (सेनि.) मदनलाल भाटी ने कहा कि राज्य में अन्य पिछडा वर्ग का अनुभव जन्य तरीके से अध्ययन करने के लिए आयोग ने तय किया है कि संभाग मुख्यालयों पर पहुँचकर इस विषय में जनसुनवाई हेतु कार्यक्रम आयोजित किये जाये, जिसमें आम जनता, राजनैतिक व्यक्तियों, हितबद्ध व्यक्तियों एंव संस्थाओं के विचार जानने हेतु उनसे चर्चा की जाये और यदि कोई व्यक्ति/संस्था इस संबंध में अभ्यावेदन प्रस्तुत करना चाहे तो उसे लिया जाए। आयोग राजस्थान प्रदेश के अन्य पिछड़े वर्गों के समग्र उत्थान एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए प्रतिबद्ध हैं। आयोग का प्रयास रहेगा कि वह पूर्ण पारदर्शिता के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग समाज के हर वर्ग का विश्लेषण कर शीघ्र ही आरक्षण का नवीन प्रावधान तय करेगा। वर्तमान परिदृश्य में पिछड़े वर्गों के संरक्षण, कल्याण और सामाजिक-आर्थिक, विकास के लिए उन रक्षोपायों का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक हैं। आयोग पंचायती राज और शहरी निकायों में ओबीसी जातियों को आरक्षण देने का नवीन फार्मूला तय कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में नवीन आरक्षण लागू कर चुनाव करवाया जाएगा।

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