झुन्झुनू जिले में विकास को लेकर नेताओं में इतनी होड़ लगी हुई है कि खुद अपनी ही पार्टी के नेताओ को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। दरअसल इस लेख के प्रेरणास्रोत हैं भाजपा प्रदेश कार्यालय के सह प्रभारी, जिन्होंने सोशल मिडिया पर एक पोस्ट डाली कि उनकी मांग पर झुन्झुनू विधायक ने गांव चनाना में एफबीआई बैंक के पास सार्वजनिक चौक का सौंदर्यीकरण की अनुशंसा दिनाक 6 नवम्बर को की। निश्चित रूप से झुंझुनू विधायक झुंझुनूं के विकास पुरूष बनने की ओर अग्रसर है लेकिन इसी काम को लेकर पूर्व सांसद नरेन्द्र खीचड ने भी एक पत्र जिला मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद झुंझुनूं को दिनांक 1 अप्रेल 2023 को लिखा था, जिसमें उपरोक्त कार्य की अनुशंसा की गई थी। इसका मतलब यह हुआ कि नगर परिषद जिस पर भाजपा की जिला प्रमुख हर्षीनी कुलहरी काबिज है व पूर्व सांसद नरेन्द्र खीचड की पुत्रवधू भी है, आखिर पूर्व सांसद की अनुशंसा की अवहेलना कैसे हुई। अमूमन किसी भी विकास के काम को पूरा न होने को लेकर विपक्ष पर आरोप लगते रहे हैं जैसे कि झुन्झुनू में ओवर ब्रिज को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं लेकिन इस ओवर ब्रिज के निर्माण में केन्द्र सरकार के अधीन रेलवे विभाग बाधा बना हुआ था। इस ओवर ब्रिज के निर्माण को लेकर भाजपा कांग्रेस पर हमलावर रही। अब इसके निर्माण को लेकर चार लेन की अनुशंसा के साथ ही रेलवे ने धन आवंटित कर दिया क्योंकि राजस्थान में अब डबल इंजन सरकार है लेकिन भाजपा के पूर्व सांसद की अनुशंसा को जिला परिषद ने दरकिनार किया जबकि जिला परिषद में भाजपा का बहुमत है। चनाना का वह काम आज तक पूर्ण नहीं होना भाजपा के विकास के दावों की पोल खोल रहा है। अनुशंसा करके वाहवाही लूटने व सरकार के बजट घोषणा के कामों को लेकर भी विकास पुरूष बनने में जिले के भाजपा नेताओं का कोई सानी नहीं है। इस लेख के साथ पूर्व सांसद नरेन्द्र खीचड व वर्तमान विधायक राजेन्द्र भांभू के अनुशंसा पत्र जनता की अदालत में रखे है। अब आमजन को ही फैसला करना है कि जिले के भाजपा नेताओं के विकास के दावों में कितना दम है।
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