अखिल भारतीय इतिहास परिषद हिंदी वाद–विवाद प्रतियोगिता 2025: 76वाँ अधिवेशन

AYUSH ANTIMA
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पिलानी (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): बिरला स्कूल पिलानी में 25 नवम्बर 2025 को आयोजित अखिल भारतीय इतिहास परिषद हिंदी वाद–विवाद प्रतियोगिता का 76वाँ अधिवेशन इस वर्ष अपनी बौद्धिक गरिमा, अनुशासन और सशक्त अभिव्यक्ति के लिए विशेष रूप से यादगार बना। देशभर के 20 प्रतिष्ठित विद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने मंच को जिस ऊर्जा, स्पष्टता और तार्किकता से जीवंत किया, उसने इस प्रतियोगिता को विचार–विमर्श का एक असाधारण मंच बना दिया। इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय अत्यंत सामयिक और सामाजिक रूप से अत्यधिक महत्वपूर्ण था —“सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म साइबर फ्रॉड के सबसे बड़े उत्तरदायी हैं।” वक्ताओं ने इस विषय पर तकनीकी विकास, साइबर सुरक्षा, उपयोगकर्ता की सतर्कता, डिजिटल प्लेटफॉर्म की नीतियों और सूचनात्मक शुचिता जैसे विभिन्न पहलुओं पर गहराई से विचार रखते हुए मंच को कई बार तालियों से गूंजाया। पक्ष और विपक्ष, दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों ने न केवल डिजिटल समाज की चुनौतियों पर नई दृष्टि प्रदान की, बल्कि विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक सोच और संवाद–कौशल को भी प्रभावशाली रूप में उजागर किया। वक्तव्यों के बाद पूछे गए प्रतिप्रश्नों ने प्रतियोगिता को और अधिक सजीव, चुनौतीपूर्ण और रोचक बना दिया। आयोजन की अध्यक्षता बिरला शिक्षा संस्थान परिवार के सम्मानित मुखिया, बिरला एजुकेशन ट्रस्ट के निदेशक एवं रिटायर्ड मेजर जनरल एसएस नायर (एवीएसएम) ने की, जिनका विद्वतापूर्ण व्यक्तित्व और नेतृत्व पूरे आयोजन में प्रेरणा का स्रोत रहा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वाद–विवाद जैसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों को सोचने, समझने और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण करने की क्षमता प्रदान करती हैं, जो उन्हें उत्तरदायी नागरिक बनने की दिशा में सशक्त बनाती है।
प्रतियोगिता की गरिमा में और वृद्धि की प्रतिष्ठित भूमिका निभाई निर्णायक मंडल ने, जिसमें तीन विद्वान और विशेषज्ञ उपस्थित रहे — डॉ.आशीष तिवारी (एसोसिएट प्रोफेसर, गणित विभाग, BITS पिलानी; D.Phil., इलाहाबाद विश्वविद्यालय), डॉ.राहुल प्रजेश (प्रिंसिपल साइंटिस्ट, CSIR–CEERI पिलानी; विशेषज्ञता—MEMS एवं नैनो–सेंसर तकनीक) और प्रोफेसर ऋषिकेश वैद्य (एसोसिएट प्रोफेसर, भौतिकी विभाग, BITS पिलानी; PhD—उच्च ऊर्जा भौतिकी)। तीनों निर्णायकों ने प्रतिभागियों की भाषा, विषय–ज्ञान, तर्कशक्ति, प्रस्तुति शैली तथा उत्तर–प्रत्युत्तर की गुणवत्ता का अत्यंत सूक्ष्म और निष्पक्ष मूल्यांकन किया। उनके मार्गदर्शन और विश्लेषण ने इस प्रतियोगिता को और अधिक शैक्षणिक गहराई प्रदान की। उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के आधार पर घोषित परिणाम इस प्रकार रहे—प्रोत्साहन पुरस्कार ₹1100–आर्या शर्मा (बाल भारती स्कूल, बहादुरगढ़), तृतीय पुरस्कार ₹2100–कैडेट पार्थ (सैनिक स्कूल, रेवाड़ी), द्वितीय पुरस्कार ₹5100 – समर विजय भारद्वाज (राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, अजमेर), प्रथम पुरस्कार ₹11,000 – मानवी (वैश्य मॉडल स्कूल, भिवानी)। सर्वश्रेष्ठ सामूहिक प्रदर्शन के आधार पर चल वैजयन्ती भी वैश्य मॉडल स्कूल, भिवानी को प्रदान की गई। प्रतियोगिता का संचालन हिंदी विभाग की संयोजिका सोनीरिका कृष्णियाँ के नेतृत्व एवं संस्कृत विभागाध्यक्ष एनएन मिश्रा के निर्देशन में सुव्यवस्थित और नियमबद्ध रहा। प्राचार्य धीरेंद्र सिंह, प्रधानाध्यापक एसपी आनंद (डे विंग सीनियर), प्रधानाध्यापक बुपन शर्मा (डे विंग जूनियर), वरिष्ठ समन्वयक वीके मिश्रा तथा बरसर अनिल अवस्थी ने हिंदी–संस्कृत विभाग के शिक्षकों—श्यामा पारीक, नवीन व्यास, दिलबाग सिंह, डॉ.दीपा भारद्वाज, मुकेश दिया, विजय कृष्ण शर्मा और पवन शेखावत को प्रतियोगिता के सफल संचालन में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया एवं बधाई दी। अपने उत्कृष्ट आयोजन, उच्च स्तरीय वक्तृत्व और विचार–समृद्ध वातावरण के साथ 76वाँ अखिल भारतीय इतिहास परिषद हिंदी वाद–विवाद प्रतियोगिता विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और नेतृत्व–गुणों को निखारने वाला प्रेरक और अविस्मरणीय आयोजन सिद्ध हुआ।

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