खैरथल (अमित शर्मा): स्वामी होतूराम साहिब दरबार में आयोजित दो दिवसीय बरसी उत्सव के दूसरे दिन 27 सितम्बर को सत्संग प्रवचन कार्यक्रम में संत मोहन लाल भगत ने कहा कि संतों के प्रवचन सुनने से न केवल जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं बल्कि इंसानियत और मानवता का भी संचार होता है, इसलिए संतों के वचनों को दिल से अपनाना चाहिए। इस अवसर पर मोठूका के संत लाल भगत एवं अजमेर के भजनोपदेशक अशोक घायल, जय भगतानी ने भी प्रवचनों के माध्यम से मानव सेवा का संदेश दिया। प्रवचन के बाद पल्लव पाकर बरसी महोत्सव का समापन किया गया। कार्यक्रम में किशनगढ़ बास, अलवर, जयपुर, अजमेर, आगरा, मुंडावर, मोठूका सहित अनेक स्थानों से सैकड़ों श्रद्धालुओ ने सभी संत महात्माओं की प्रतिमाओं के दर्शन कर भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान मुख्य अतिथि खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर किशोर कुमार ने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना हर माता-पिता की जिम्मेदारी है, शिक्षा से ही संस्कारों का विकास और आर्थिक-सामाजिक प्रगति संभव है। उन्होंने सिंधी भाषा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। इस दौरान सरपंच शंकर भगत, अर्जुन भगत, मुखी वासुदेव दासवानी, प्रेम भगत, ध्यानगिरी सेवा समिति अध्यक्ष गोविन्द रोघा, प्रदीप भगत, राजा थावानी, राजू भगत, जीतू भगत, नीरज ज्ञानानी, जगदीश असरानी, नत्थूमल रामलानी, पेरुमल, मुखी टीकमदास मुरजानी, चिम्मन लाल तिनानी, श्याम लाल मघनानी सहित अनेक लोग मौजूद रहे। जिला कलेक्टर का मुख्य द्वार पर शहनाई के साथ स्वागत किया गया तथा संत मोहन भगत व संत लाल भगत ने साल ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम में आतुमल बच्चानी, उमेश भगतानी, राजा माखीजा, दीपू चंदवानी, तरुण निहलानी, राजा जेठवानी, पवन माखीजा, लवी ज्ञानानी, मुकेश, कुंदन, नन्दलाल, गोरधन दास कटारिया, वासुदेव दरियानी, राजेश वासु, कन्नू परवानी, वरुण खजनानी ने व्यवस्थाओं को बनाए रखा।
3/related/default