बगड़ (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): दादू द्वारा में ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी आत्मारामजी महाराज व्याकरण वेदांताचार्य की 18वीं पुण्यतिथि बड़े श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर दादूपंथ के प्रमुख संतों एवं भक्तजनों ने उनके श्रीविग्रह पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। मुख्य बाजार दादू द्वारा पर आयोजित समारोह में महामंडलेश्वर डॉ.स्वामी अर्जुनदास जी महाराज के सान्निध्य में संत-महात्माओं ने चरण पादुका पूजन किया। इस अवसर पर महंत रामनिवास दास महाराज (पौ धाम नागौर), महंत ओमनाथ महाराज (चंचलनाथ टीला), महंत निश्चलनाथ महाराज (फतेहपुर), महंत रूपदास महाराज (हरियाणा) तपस्वी महंत राम गोपाल दास महाराज (जोधपुर) महन्त नरोत्तम दास महाराज सीहा रेवाड़ी, महन्त धर्मदास महाराज हरियाणा, महंत राजू दास (देवास), संत गणेश दास (मंडावा), महंत नरेंद्र दास पिपराली (सीकर), महंत जितेंद्र दास (झुंझुनूं), वैद्य रामानंद बीदासर, महंत प्रकाश दास कुंदन, संत श्रवण दास बिराज, संत गिरिराज दास निवाई, संत रामदयाल दास, राजू दास रामोला, महेंद्र शर्मा नरेना, वियपाल पटेल नरेना सहित अनेक संत महात्मा उपस्थित रहे।
आठ दिवसीय गुरुग्रंथ श्रीदादूवाणी का समापन विधिवत सम्पन्न हुआ। ज्ञानीराम वेदी पार्टी एवं ललित जांगिड़ नवलगढ़ ने सुंदरकांड एवम् भजनों की मनोहारी प्रस्तुति दी, वहीं दादूपंथी पंचायती उदयपुरवाटी अखाड़ा के प्रतिनिधियों, साधु-संतों ने श्रीगुरुग्रंथ की आरती की। पूज्य संतों का शॉल ओढ़ाकर व दक्षिणा अर्पित कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांभू, बगड़ पालिकाध्यक्ष गोविंद सिंह राठौड़, विक्रम सिंह शेखावत पूर्व पालिका अध्यक्ष, सावरमल लाटा, हरिसिंह शेखावत, रोहतास शेखावत, जितेंद्र सिंह, बिंदु सिंह राठौड़, मनोज स्वामी, दयाराम स्वामी निवाई सहित प्रबुद्ध गणमान्य जन श्रद्धालु उपस्थित रहे। स्वामी अर्जुनदास महाराज ने कहा कि पूज्य गुरुदेव आत्मारामजी महाराज दादूपंथ के धर्म ध्वजवाहक, ज्ञान, धर्म, अध्यात्म और सादगी के अद्वितीय प्रतीक थे। आपने गुरुग्रंथ श्री दादू वाणी पर वेदुष्यपूर्ण शैली में संस्कृत भाष्य लिखा। आध्यात्म जागरण और भारतीय संस्कृति के संवर्धन में अमूल्य योगदान दिया। उनकी शाश्वत आध्यात्मिक आभा भावी पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।