पिलानी (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): जिला कलेक्टर डॉ.अरूण गर्ग की सुखद पहल कि झुंझुनूं को बेसहारा गौवंश से मुक्त करने या यह कहा जाए कि बेसहारा गौवंश को आसियाना दिलाने की सुखद पहल की है। आयुष अंतिमा (हिन्दी समाचार पत्र) ने अपने लेखों में बेसहारा गौवंश की पीड़ा को गौशालाओं के संचालकों व सरकार के संज्ञान में लाने का निरंतर प्रयास किया। उसी मुहीम का आज सुखद परिणाम देखने को मिला कि झुंझुनूं में 110 नंदियो को स्थानीय नगर परिषद द्वारा आसियाना नसीब हुआ। वैसे तो बेसहारा गौवंश से झुंझुनू जिला अछूता नहीं है लेकिन पिलानी शहर मे बेसहारा गौवंश की चपेट में आने से बहुत से व्यक्ति अपाहिज होने के साथ ही अपनी जान भी गंवा चुके हैं। पिलानी मे गौशाला संचालित है, जिला प्रशासन को पिलानी में बेसहारा गौवंश के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए स्थानीय नगर पालिका को इस बारे में कदम उठाने के लिए झुन्झुनू नगर परिषद की तर्ज पर कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करे।
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