जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): छात्रसंघ चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में लगभग 4 घंटे तक लंबी और गंभीर सुनवाई हुई। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से भरोसा दिलाया कि फैसला छात्रों के हित में ही लिया जाएगा। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सरकार को 9 अक्टूबर तक का समय दिया है, ताकि वह इस मामले पर अपना पक्ष (ओपिनियन) प्रस्तुत कर सके। यह मामला छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और विश्वविद्यालयों में छात्र प्रतिनिधित्व की बहाली से जुड़ा हुआ है। कोर्ट का यह आश्वासन कि फैसला छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा, छात्रों के लिए राहत और उम्मीद का संकेत है।
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