झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): भारत सरकार की नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल तिलहन योजना के तहत तिलहनी फसलों की कटाई उपरान्त उपज में मूल्य संवर्धन के लिये कच्ची घानी तेल निष्कर्षण इकाइयों की स्थापना हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत 10 टन क्षमता वाली तेल निष्कर्षण इकाई और प्रसंस्करण हेतु मशीनरी व उपकरणों पर परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अथवा अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। भूमि व भवन की लागत पर कोई सहायता देय नहीं होगी। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ.राजेंद्र सिंह लांबा ने बताया कि सरकारी/निजी उद्योग, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तथा सहकारी समितियों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा। एफपीओ को मूल्य श्रंखला भागीदार (वीसीपी) के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी। इच्छुक संगठन कम्पनी एक्ट या कॉपरेटिव एक्ट के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है।
आवेदन के साथ डीपीआर (सीए द्वारा तैयार), कम्पनी का पता, भूमि स्वामित्व या किरायानामा, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, कोटेशन, टर्नओवर प्रमाण पत्र व अनुदान संबंधी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है। योजना संबंधी अधिक जानकारी एवं आवेदन पत्र कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), झुंझुनूं से प्राप्त किए जा सकते हैं।