इस आर्थिक युग में पैसों की भूख ने सब मन मर्यादा व संस्कारों को ताक पर रख दिया है। किसी भी समाज की युवा पीढ़ी उसकी रीढ़ होती है। जब युवा पीढ़ी को ग़लत लत लग जाए तो वह समाज कभी भी प्रगति नहीं कर सकता। विलासिता पूर्ण जिंदगी जीने की लालसा ने युवा पीढ़ी की आंखों पर एक पट्टी बांध दी है, जिसे हमारी सांस्कृतिक विरासत का कोई भान नहीं रह गया है। समाज मे अपराधिक प्रवृत्तियों का जो तांडव देखने को मिल रहा है, उसका मूल कारण यही है कि आर्थिक युग की अंधी दौड़ में शामिल होकर उन कामों में लिप्त हो गये, जिनका हमारे सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है। युवा वर्ग को आधुनिकता व अर्थ की चकाचौंध ने इतना भ्रमित कर दिया कि उसने ऑनलाईन सट्टे की तरफ़ अपना रूझान कर लिया। आन लाइन सट्टे को लेकर आयुष अंतिमा (हिन्दी समाचार पत्र) ने अपने 16 जून के लेख में इसके युवा पीढ़ी पर होने वाले दुष्प्रभाव को लेकर सरकार का ध्यान खींचा था। यह एक कटु सत्य है या यों कहें कि यदि इसकी लत लग जाए तो सम्पन्न व्यक्ति को भी बदहाल कर सकती है। इस लत में सब कुछ गंवा देने के बाद आत्महत्या तक के मामले देखने को मिले हैं। समाजिक समरसता को खत्म करने व युवा वर्ग को अपराध की दुनिया मे धकेलने में यह सहायक सिद्ध हुआ है। आनलाईन सट्टे को लेकर मोदी सरकार ने ऐतिहासिक पहल कर युवा पीढ़ी को अपराध की दुनिया से बचाने के लिए आनलाइन गैमिग संवर्धन एवं विनियम विधेयक 2025 आई व इस विधेयक पर गंभीर चर्चा के बाद संसद ने पारित कर दिया। यह विधेयक पैसे से खेले गये किसी भी आनलाइन सट्टे को गैर कानूनी घोषित करता है। यदि देखा जाए तो आनलाईन सट्टे व गेमिंग उद्योग में तेजी से इजाफा देखने को मिला है, जिसमें पूर्व क्रिकेटर व फिल्मी कलाकार इसके विज्ञापन करते देखे गये। मोदी सरकार ने राजस्व हानि को दरकिनार करते हुए युवा पीढ़ी को इस लत से बचाने के लिए जो जोखिम उठाया है, वह सरकार का प्रशंसनीय कदम कहा जाएगा। इस आनलाइन सट्टे के कारण घरेलू हिंसा के मामले भी प्रकाश में आये थे। सरकार की यह पहल निश्चित रूप से युवाओं के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होने के साथ ही स्वच्छ व सुसंस्कृत समाज बनाने की दिशा में एक अच्छी पहल कहा जा सकता है। इस विधयेक का कानूनी रुप लेने पर पैसे से जुड़े सभी तरह के आनलाइन सट्टे पर प्रतिबंध लग जायेगा। इस कानून के अमल में आने पर पैसे से जुड़े आनलाइन गैमिग एप प्ले स्टोर से डाउनलोड नही कर पायेंगे। इन एप को भारत सरकार ने बैन कर दिया है। इस विधेयक को लेकर केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी युवाओं के भविष्य व उनकी जान को लेकर बहुत गंभीर है। नरेन्द्र मोदी सरकार का उद्देश्य समाज के युवाओं को बर्बाद होने से बचाना, आत्महत्याओ पर रोक व घरेलू अपराधों पर अंकुश लगाना है न कि राजस्व की चिंता करना। आनलाइन सट्टा एक तरह से ड्रग के नशे की तरह है। आनलाइन सट्टा एक गंभीर सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन गई थी, जिसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। निश्चित रूप से यह कानून देश के युवाओं को सही दिशा प्रदान करने में सहायक होगा।
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