जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): राइट टू एजुकेशन (आरटीई) को लेकर शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने गुरुवार को सभी जिला शिक्षाद अधिकारियों को पीपी 3 और कक्षा एक में लॉटरी के माध्यम से चयनित सभी विद्यार्थियों का दाखिला सुनिश्चित करवाने के आदेश दिए हैं, साथ ही आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर कोई गैर सरकारी स्कूलों दाखिला नहीं देता है तो स्कूल पर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करवाई जाए। शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देश पर संयुक्त अभिभावक संघ ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "23 जुलाई को शिक्षा संकुल के मुख्य द्वार पर आरटीई से पीड़ित अभिभावकों के हल्ला बोल प्रदर्शन की चेतावनी से शिक्षा विभाग डर गया है और अब अभिभावकों की एकजुटता को तोड़ने और अभिभावकों को गुमराह करने के लिए 23 जुलाई के प्रदर्शन को फ्लॉप साबित करने के लिए जल्दबाजी में इस तरह का निर्देश जारी करने पड़ रहे है, क्योंकि शिक्षा विभाग के अब तक जितने भी चक्कर लगाए उन सभी ने अधिकारियों ने अपने हाथ खड़े करते हुए मामला राजस्थान हाईकोर्ट में होने का हवाला देते कुछ नहीं कर पाने की बात कहते रहे है और अब जब राजस्थान हाईकोर्ट में 8 जुलाई को जो सुनवाई होनी थी वह भी नहीं हुई, उसके बावजूद इस तरह के आदेश जारी करना प्रोपोगंडा लगता है और 23 जुलाई को प्रस्तावित अभिभावकों को आंदोलन को फ्लॉप करने की साजिश लगता है। संयुक्त अभिभावक संघ राजस्थान प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि शिक्षा विभाग केवल पत्र पे पत्र का खेल खेलकर खानापूर्ति कर रहा है, स्कूलों में पढ़ाई शुरू हुए 20 से अधिक का समय हो गया है, जरूरतमंद विद्यार्थी अपनी पढ़ाई शुरू होने का इंतजार कर रहे है। अभिभावक अपने बच्चों के सवालों से मानसिक तनाव के दौर से गुजरने पर मजबूर हो रहे है जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर पे चक्कर काट रहे, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपने स्वयं के दिए बयानों से साफ तौर पर मुकर रहे है, उसके बावजूद शिक्षा निदेशक द्वारा इस तरह का पत्र जारी करना किसी प्रोपोगंडे से कम नजर नहीं आता है, हर साल शिक्षा निदेशक इस तरह के पत्र जारी करते है किंतु आजतक किसी भी निजी स्कूल पर कोई कार्यवाही नहीं होती, यह पत्र साफ बताता है कि शिक्षा विभाग 23 जुलाई को राजधानी जयपुर के शिक्षा संकुल के मुख्य द्वार पर होने वाले हल्ला बोल प्रदर्शन से बौखला गया है और अब शिक्षा विभाग और निजी स्कूलों की आपसी मिलीभगत का खेल कही पूरे प्रदेश की जनता के सामने ना खुल जाए। इसलिए निजी स्कूलों के इशारों पर अभिभावकों को गुमराह करने और 23 जुलाई के प्रदर्शन को फ्लॉप करने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया है।
RTE दाखिला विवाद: अभिभावकों के सड़कों पर उतरने की चेतावनी से डरा विभाग, एकजुटता को तोड़ने और अभिभावकों गुमराह करने के लिए जल्दबाजी में निकाला आदेश: संयुक्त अभिभावक संघ*
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July 17, 2025
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