चिड़ावा (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): दरीद्रता, रोग, दुःख तथा शत्रु जनित पीड़ा -ये चार प्रकार के कष्ट तभी तक रहते है। ज़ब तक मनुष्य भगवान शिव का पूजन नहीं करता है, भगवान शिव की पूजा होते ही सारे दुःख विलीन हो जाते है एवं सुखो की प्राप्ति हो जाती है। भगवान शिव का पूजन एवं ध्यान सभी पापो एवं कष्टो को समाप्त करने वाला है। उक्त कथन वाणी भूषण पंडित प्रभुशरण तिवाड़ी ने सेहीकला के शिवालय मंदिर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा मे द्वितीय दिवस व्यास पीठ से प्रवचन देते हुए कहे। तिवाड़ी ने भगवान शिव की पूजा की विधि, शिव लिंग के निर्माण की विधि, नारद मोह, सत -चरित्र सहित अनेक प्रसंग सुनाये। कथा में भगवान शिव के सुमधुर भजनों से वातावरण भक्ति मय बन गया। कथा से पूर्व पंडित सियाराम शर्मा ने यजमान अशोक शर्मा को सपत्नीक पूजन करवाया। इस अवसर पर डॉ.जगदीश शर्मा, भागीरथ मल शर्मा, हुकमीचंद शर्मा, अरविन्द शर्मा, संतोष सिंह शेखावत, मातुसिंह शेखावत, शीशराम गोस्वामी, जगदीश बड़सरा, विजेंद्र जांगीड, रत्तीराम महरिया, मनोज नायक, बिहारी लाल शर्मा, हजारी लाल शर्मा, शिव लाल शर्मा, अरुण शर्मा, अशोक शर्मा, संदीप शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला पुरुष मौजूद रहे। शुक्रवार से 31 जुलाई, गुरुवार तक आयोजित होने वाली भगवान भोले नाथ की पवित्र कथा का समय दोपहर 2 से 5 बजे तक का रहेगा। सम्पूर्ण ग्राम की तरफ से आयोजित हो रहे ज्ञान, भक्ति व कर्म के आयोजन को लेकर ग्राम में उत्साह व भक्ति का माहौल है।
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