भगवान श्रीराम ने अवतार लेकर समाज में सभी संबंधो को स्वयं चरितार्थ किया: तिवाड़ी

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): भगवान ने श्रीराम के रूप में अवतार लेकर समाज में सभी संबंधो को स्वयं चरितार्थ करके दिखाया है। समाज में व्यक्ति के क्या कर्तव्य है, सामाजिक रिश्तों को कैसे निभाना चाहिए, यह श्रीराम ने स्वयं अपने माध्यम से बताया है। उक्त विवेचन इंडाली ग्राम स्थित बुडला बालाजी मंदिर में चल रहीं श्रीराम कथा के छठे दिवस राम सुग्रीव मित्रता के प्रसंग पर बोलते हुये कथा व्यास वाणी भूषण प्रभुशरण तिवाड़ी ने कहे। तिवाड़ी ने बताया की मनुष्य का जीवन दायित्व निर्वहन के लिए है। मनुष्य को सदैव सदभावना पूर्वक सबकी सेवा करनी चाहिए। कथा में रामेश्वरम की स्थापना लंका दहन सहित कई प्रसंग सुनाये गए। इस दौरान रंगकर्मी सुरेश शेखावत के द्वारा श्रीराम-लखन की सुंदर सजीव झांकी सजाई गई, वही मधुर संगीत ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कथा से पूर्व पंडित सियाराम शास्त्री द्वारा यजमान जयराम शर्मा को सपत्निक पूजन करवाया गया। कथा मे सुनील शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, राजेश देग, रामरतन शर्मा, बजरंग सिंह शेखावत, महिपाल सिंह, माधोसिंह, गुलझारी लाल, रामकुमार मीणा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला पुरुष मौजूद रहे।

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