बच्चों की जान जोखिम में

AYUSH ANTIMA
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ककराना (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): हाल ही में राजस्थान के झालावाड़ जिले में हुये स्कूल छत गिरने से हादसे में बच्चों की मौत से राज्य सरकार एक्शन मोड में है। उदयपुरवाटी उपखंड के ककराना ग्राम पंचायत के गुलाबपुरा की आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 3, जो राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय ढहर ककराना (मालिक की ढाणी) के भवन में चल रहा है, वह पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। जगह-जगह से दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ रही है। अब बरसाती मौसम में भवन की हालत खराब हो गयी है, कभी भी गिर सकता है, यह कमरा बैठने की स्थिति में नहीं है।बरसात का पानी कमरे के अन्दर से बाहर निकलता है। उसी के नीचे छोटी-छोटी जिंदगियां बैठकर शिक्षा का पाठ पढ़ती है। भवन का निर्माण वर्षों पुराना बताया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि हमने राजकीय सीनियर स्कूल ककराना के पीओ को अवगत करवा दिया गया था। सीनियर स्कूल ककराना के पीओ आंख बंद करके सो रहे हैं। उन्हें बच्चों की चिंता नहीं है, उसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब कमरा बैठने की स्थिति में नहीं है। इसलिए हम हमारे निजी घरों मे आंगनवाड़ी को संचालित करवाएंगे।

*मामला*

ककराना आंगनबाड़ी संख्या 3 जो पहले राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय ढहर ककराना (मालिक की ढाणी) के भवन में संचालित था और अब कमरा पूरी तरह से जर्जर होने पर आंगनवाड़ी को निजी कमरे में शिफ्ट किया गया है।


*इनका कहना है*

मेरे को जानकारी मिलने पर मैने आंगनबाड़ी केंद्र का तुरंत निरीक्षण किया, कमरे को देखकर कमरा पूरी तरह से खंजर मिला। कमरे की यह स्थिति थी कि कमरा कभी भी गिर सकता है, निरीक्षण के बाद मैं तुरंत सीनियर स्कूल ककराना पीओ को लिखित में अवगत करवा चुकी थी, उसके बाद भी उन्होंने भी सूचना विभाग को नहीं भेजी। 

*मधु*
महिला सुपरवाइजर महिला बाल विकास विभाग, उदयपुरवाटी


यह कमरा वर्षों पुराना है, जो आज तक भी इसकी मरम्मत नहीं की गई है, जो आज इस कमरे में छोटी-छोटी जिंदगियां बैठकर शिक्षा का पाठ पढ़ने को मजबूर है। उच्च अधिकारियों को भी लिखित में अवगत करवा दिया गया है, उसके बाद भी अधिकारी आंख बंद करके सो रहे हैं। 

*सुबोध कुमार डीलर*
*स्थानीय ग्रामीण*

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