झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): विप्र सेना के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश बसावतिया ने भजन लाल शर्मा सरकार से मांग की है कि जब अन्य जातियों के कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन सरकार कर चुकी है तो विप्र कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन में आखिर देरी क्यों हो रही है। बसावतिया ने एक बयान में कहा कि सनातन परम्परा को अक्षुण्ण रखना है तो ब्राह्मण प्रदत विज्ञान का सम्मान करना आवश्यक है। इसी कड़ी में विप्र कल्याण बोर्ड एक बहुआयामी निकाय है, जिसके माध्यम से वास्तु शास्त्र, ज्योतिषी एवं आयुर्वेद विधा श्रृंखला का अध्ययन पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि अशोक गहलोत सरकार ने विप्र कल्याण बोर्ड का गठन किया था लेकिन वह विप्र हितों की रक्षार्थ न होकर केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गया। इसको लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से आग्रह किया कि विप्र कल्याण बोर्ड की कमान ऐसे व्यक्तित्व को सौंपी जाए, जो विप्र समाज के प्रति समर्पण भाव व विप्र हितों को सर्वोपरि रखे।
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