जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): लोकतंत्र में प्रशासन के सबसे प्रमुख स्तंभ माना गया है किंतु इन दिनों यह स्तंभ भ्रष्टाचार का मुख्य केंद्र ही नहीं बल्कि भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का अड्डा भी बन चुका है। जहां प्रशासन को लोकतंत्र का सम्मान करने के लिए व्यवस्थाओं को बनाएं रखना चाहिए वो काम प्रशासन कर नहीं रहा है बल्कि लोकतंत्र का अपमान जितना अपमान हो सके, उसमें यह कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। संयुक्त अभिभावक संघ ने" शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा विभाग में बैठे अधिकारी लोकतंत्र से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे है और शिक्षा माफियाओं एवं निजी स्कूलों खुलेआम संरक्षण दे रहे है। आलम यह है कि बिना अनुमति के चल रहे स्कूलों तक पर कार्यवाही नहीं कर रहे है जबकि सारा रिकॉर्ड शिक्षा विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध है। प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि शिक्षा विभाग को व्यवस्था बनानी चाहिए किंतु यह अव्यवस्थाओं और लापरवाहियों का अड्डा बनता जा रहा है, इसका सबसे प्रमुख उदाहरण आरटीई का है जिसमें ना केवल अभिभावक ठोकरें खाने पर मजबूर बल्कि अब बच्चों तक को अपनी शिक्षा लेने के लिए सड़कों पर आना पड़ रहा है। राजधानी जयपुर सहित पूरे प्रदेश में फर्जी तरीके से सैकड़ों निजी स्कूलों का संचालन हो रहा है। सब विभाग की जानकारी में किंतु आपसी साठ गांठ के चलते फर्जी स्कूलों पर कार्यवाही नहीं हो रही है, इस लापरवाही का शिकार अभिभावकों और विद्यार्थियों को बनना पड़ेगा, जिसके चलते बच्चों का भविष्य दांव पर लग जाएगा। जैन ने कहा कि विभाग को सरकारी स्कूलों को बंद करने के हजारों कारण मिल जाते है, सरकारियों को बंद करने के भी कारण खोज लिए जाते है किंतु जब फर्जी और निजी स्कूलों पर कार्यवाही करने की बात आती है तो शिक्षा विभाग के अधिकारियों के हाथ पांव कांपने लग जाते है। विभाग आज तक डमी स्कूलों तक पर कार्यवाही नहीं कर पाया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट तक के आदेश आ चुके है, उसके बावजूद कार्यवाही नहीं हो रही। निजी स्कूलों में फीस एक्ट कानून लागू होना है किंतु आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश आए सवा चार साल बीत चुके है, शिक्षा विभाग पूर्व अभिभावकों की शिकायत कर प्रदेश के 20 से अधिक निजी स्कूलों को नोटिस भी जारी कर चुका है किंतु आज तक कार्यवाही नहीं हुई बल्कि कार्यवाही के नाम पर उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।
*27 को राष्ट्रीय अभिभावक दिवस, संयुक्त अभिभावक संघ शिक्षा संकुल पर बंटेगा शरबत*
प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि 27 जुलाई को राष्ट्रीय अभिभावक दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा और श्रमदान किया जाएगा। अभिभावक दिवस के उपलक्ष्य में संघ के पदाधिकारी और शहर के अभिभावक जुटेंगे। सुबह 9 बजे से 1 बजे तक शरबत पिलाकर सामूहिक रूप से पहली बार अभिभावक दिवस को एक पर्व के रूप में मनाएंगे। इसी दिन 11 बजे से RTE में दाखिला नहीं होने से पीड़ित अभिभावकों की बैठक का आयोजन भी रखा गया है, जिसमें आगामी योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।