बीकानेर (मुकेश रामावत): स्वास्थ्य विभाग की बीकानेर पीसीपीएनडीटी टीम ने राज्य की सीमाओं को पार कर हरियाणा के डबवाली में सक्रिय अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह का पर्दाफाश किया है। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और एनएचएम मिशन निदेशक डॉ.जोगाराम के निर्देशों पर चली इस कार्रवाई में टीम ने एक शातिर दलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
*छह महीने की गोपनीय निगरानी के बाद सफलता*
बीकानेर जिला पीसीपीएनडीटी प्रभारी महेंद्र सिंह चारण के नेतृत्व में टीम ने करीब 6 महीने तक रैकी की। दो बार आरोपी ने चकमा दिया, लेकिन तीसरे प्रयास में संयुक्त निदेशक बीकानेर जोन डॉ.देवेंद्र चौधरी, सीएमएचओ डॉ.पुखराज साध और महेंद्र सिंह चारण की सुनियोजित रणनीति काम आई। डिकॉय गर्भवती महिला के जरिए दलाल से संपर्क किया गया। उसने लिंग जांच के 36,500 रुपये मांगे। तय स्थान डबवाली के एक निजी अस्पताल में पहुंचते ही टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी ऑनलाइन भुगतान कराकर बचने की कोशिश करता था, लेकिन इस बार उसकी चालाकी नहीं चली।
*गिरोह देता था फर्जी रिपोर्ट*
प्रारंभिक जांच में पता चला कि गिरोह बिना जांच के ही फर्जी रिपोर्ट बनाकर लोगों को बताता था कि गर्भ में बेटी है। इसके बाद गर्भपात के लिए प्रेरित किया जाता था। विभाग को आशंका है कि इस अवैध धंधे से अब तक सैकड़ों अजन्मे बच्चों की जान गई होगी।
*बीकानेर टीम की अहम भूमिका*
इस पूरे ऑपरेशन में बीकानेर टीम ने फ्रंट लीड किया। महेंद्र सिंह चारण ने मुखबिर तंत्र विकसित कर सूचनाएं जुटाईं और विभिन्न जिलों की टीमों में समन्वय बनाया। उनके साथ नंदलाल पुनिया, रणदीप सिंह, विनोद बिश्नोई सहित बीकानेर, श्रीगंगानगर, सीकर और राज्य पीसीपीएनडीटी सेल के अधिकारी शामिल रहे। अब पुलिस अस्पताल और पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है।