जयपुर: रेनवाल मांजी मुहाना थाना क्षेत्र में अवैध मीट की थड़ियां अब प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही हैं। ग्राम पंचायत जगन्नाथपुरा के रिंग रोड चौराहे पर लंबे समय से खुलेआम मुर्गे, मछली और बकरों की कटाई हो रही थी। हालात ऐसे कि मीट के अवशेष सड़कों पर फेंके जा रहे थे, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध और गंदगी फैल रही थी। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब कुछ मुहाना थाना पुलिस की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहा था। कई बार पंचायत और नगर निगम प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। कसाई बेखौफ रहे और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे रहे।
*ग्रामीणों का सब्र टूटा, सड़क पर उतरे लोग*
सोमवार को अचरावाला, रातल्या, बालावाला सहित आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया। रिंग रोड चौराहे पर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए और अवैध मीट थड़ियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हालात बिगड़ते देख ग्रामीणों ने जेसीबी की मदद से अवैध दुकानों को हटवाया।
*पुलिस पर हफ्ता वसूली का आरोप*
उप सरपंच प्रतिनिधि गोपाल लाल शर्मा ने बताया कि कई महीनों से राहगीर और स्थानीय लोग बदबू से परेशान हैं। बिना लाइसेंस खुले में मीट की थड़ियां चलना पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत को दर्शाता है। आरोप है कि हर रात रिंग रोड चौराहे पर अवैध रूप से मीट की दुकानें सजती हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय पुलिस हफ्ता वसूली का खेल खेलती रही।
*स्वास्थ्य और स्वच्छता पर बड़ा खतरा*.
ग्रामीणों का कहना है कि खुले में मांस कटाई और अवशेष फेंके जाने से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। बच्चों, महिलाओं और राहगीरों का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया था। अब सवाल यह है कि ग्रामीणों के विरोध और जेसीबी कार्रवाई के बाद क्या प्रशासन और पुलिस स्थायी समाधान निकालेगी या फिर कुछ दिनों बाद वही अवैध धंधा दोबारा शुरू हो जाएगा। इलाके के लोग अब ठोस कार्रवाई और दोषियों पर सख्त कदम की मांग कर रहे हैं।